Vraj / Braj Mahatmya ( Code – 2374 ) / व्रज-माहात्म्य- Vraj-Mahatmya (A Collection of All the Great Texts of Vraja Illustrated, Complete Translation)

Original price was: ₹299.00.Current price is: ₹249.00.

Edition : 2026

Size : 21×15 cm 

Language : Sanskrtit And Hindi Translation 

Pages : 638

Author : Gita Press 

व्रज महात्म्य का अर्थ है “व्रज की महिमा”। व्रज (या ब्रज) वह पवित्र भूमि है जहाँ भगवान कृष्ण निवास करते थे। यह 84 वर्ग मील का क्षेत्र मथुरा के निकट स्थित है। महात्म्य प्राचीन कथाओं का संग्रह है। ये ग्रंथ बताते हैं कि यह भूमि पवित्र क्यों है। ये शिक्षा देते हैं कि व्रज पृथ्वी पर स्थित एक आध्यात्मिक जगत है।महात्म्य में व्रज के बारह पवित्र वनों का विशेष उल्लेख है। मधुवन सबसे प्राचीन वन है। यह वह स्थान है जहाँ कृष्ण ने बचपन में खेला था। वृंदावन सबसे प्रसिद्ध वन है। यह उनके दिव्य नृत्य का स्थल है। ग्रंथों में कहा गया है कि प्रत्येक वृक्ष, नदी और पत्थर में दिव्य ऊर्जा समाहित है।इन कहानियों से प्रेरित होकर व्रज मंडल परिक्रमानामक यात्रा की जाती है । यह 84 मील की पैदल यात्रा है। श्रद्धालु गोवर्धन पर्वत और यमुना नदीजैसे पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए इस मार्ग पर चलते हैं ।इन स्थानों की यात्रा करने से बुरी आदतें दूर होती हैं और कृष्ण के प्रति गहरा प्रेम उत्पन्न होता है। कई शास्त्रों में इन महिमाओं का वर्णन है। पद्म पुराण और गार्ग संहिता में मुख्य शिक्षाएँ निहित हैं। आज गीता प्रेस जैसे संगठन इन प्राचीन कथाओं को आधुनिक पुस्तकों के रूप में प्रकाशित करते हैं

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