Vivek Kijiye / विवेक कीजिये (विवेकचूड़ामणि प्रवचन) Vivekachudamani Pravachan By Akhandanand Swami ( Sat Sahitya Prakashan )

Original price was: ₹299.00.Current price is: ₹249.00.

Edition : 2025

Pages : 466

Size : 21×15 cm 

Binding : Paperback

Weight : 500 gm 

Author : Swami Akhandanand Saraswati 

Publishar : Sat Sahitya Prakashan 

दो चीज़े आपस में इतनी मिल गयी है की हम भूल से दोनों को एक समझ रहे है। ये भ्रान्ति , भूल मिटने के लिए विवेक होता है विवेक का फल है , एक निशचय पर पहुँचाना। यदि विवेक के निशचय पर न पहुंचे , तो वह निष्फल हो जाता है। आप सोच विचार तो करे , उधेड़बुन तो करे , परन्तु किसी निश्चय पैर न पहुंचे विवेक करने पर भी। यदि आप दो वास्तुओ का विवेक करते है अलग अलग करते है तो उनमे की छोड़ने और की पकड़ने योग्य है। इसका निश्चय करे। और निश्चय के अनुसार वर्ताव करे। ” विवेक चूड़ामणि ” के कर्ता कहते है – जब आप इस निश्चय पर पहुंचेंगे की ” ब्रह्म सत्य है , जगत मिथ्या है ‘ ‘ जगत मिथ्या है ‘ ब्रह्म सत्य है ” तो ये विवेक करते करते आदीतीयता पर पहुंच गए तो आपका विवेक सफल हो गया।।।। ब्रह्म सत्यम जगत मिथ्या एवं निश्चय।।।।

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