Nyay And Vaisheshik Darshan By Yug Nirman Yojana

Original price was: ₹549.00.Current price is: ₹449.00.

Edition : 2024

Size : 25×21 cm 

Language : Hindi 

Binding : Hardcover 

Author : Pt . Shree Ram Sharma Archarya 3

Publishar : Yug Nirman Yojana 

न्याय-वैशेषिक हिंदू दर्शन का एक संयुक्त संप्रदाय है जो न्याय (तर्कशास्त्र) के ज्ञानमीमांसा और वैशेषिक (परमाणुवाद) के सत्तामीमांसा का विलय करता है। यह मानता है कि मुक्ति सात प्रमुख वास्तविकता श्रेणियों (पदार्थों) के सही ज्ञान के माध्यम से प्राप्त होती है। यह एक यथार्थवादी, द्वैतवादी दर्शन है जो मन से स्वतंत्र बाह्य जगत के अस्तित्व का समर्थन करता है और ईश्वर को ब्रह्मांड का क्रियाशील कारण मानता है।

न्याय-वैशेषिक की मुख्य विशेषताएँ:
    • एकीकृत प्रणाली: जहाँ न्याय दर्शन (गौतम द्वारा स्थापित) प्रामाणिक ज्ञान (प्रमाण) पर केंद्रित है, वहीं वैशेषिक दर्शन (कनाडा द्वारा स्थापित) वास्तविकता के वर्गीकरण (तत्वमीमांसा) पर केंद्रित है। इन्हें अक्सर एक संयुक्त, संगत दर्शन (समना-तंत्र) के रूप में माना जाता है।
    • ज्ञानमीमांसा (न्याय):
       यह ज्ञान के चार वैध साधनों को मान्यता देता है: बोध, अनुमान, तुलना और गवाही।
  • ओन्टोलॉजी (वैशेषिक): सात वास्तविकता श्रेणियों (पदार्थों) की पहचान करती है: पदार्थ (द्रव्य), गुणवत्ता (गुण), क्रिया (कर्म), सामान्यता (सामान्य), विशिष्टता (विशेष), अंतर्निहितता (समवाय), और गैर-अस्तित्व (अभाव)।
  • परमाणु सिद्धांत (परमानुवाद): भौतिक जगत परमाणुओं (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु) के संयोजनों से बना है जो विशिष्ट और अविभाज्य हैं।
  • नौ तत्व: ब्रह्मांड पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि, आकाश, समय, स्थान, आत्मा और मन से मिलकर बना है।
  • मुक्ति का लक्ष्य (अपवर्ग): इसका प्राथमिक उद्देश्य पीड़ा (दर्द) को समाप्त करना और जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति पाना है, जो वास्तविकता के स्वरूप को जानकर और अज्ञान को दूर करके प्राप्त किया जाता है।
  • आस्तिकता: इस प्रणाली को आमतौर पर आस्तिक माना जाता है, जो ईश्वर (ईश्वर) को ब्रह्मांड (अदृष्ट) की अदृश्य, नैतिक शक्तियों के नियामक के रूप में देखती है।
    +योगदान:
  • तर्कशास्त्र: तर्क और बहस के लिए एक विस्तृत ढांचा विकसित किया।
  • परमाणु विश्लेषण: सूक्ष्म कणों के माध्यम से पदार्थ की संरचना पर प्रारंभिक विचार प्रस्तुत किए गए।
  • यथार्थवाद: यह मानता है कि दुनिया वास्तविक है और मानवीय धारणा से स्वतंत्र है।

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