Ek Mendhak ki Mrityu Katha / एक मेंढक की मृत्युकाथा By Hare Krishan Sharma

Original price was: ₹599.00.Current price is: ₹549.00.

Edition : 2023

Size : 23×15 cm 

Pages : 276

Binding : Paperback

Weight : 450 gm

Author : Hare Krishan Sharma 

Publishar : Krantikari Prakashan 

INDEX

1 मेरा भारत हिन्दुराष्ट्र क्यों नहीं ?
2 बहुत भयानक आहट भीषण गृहयुद्ध की सुनाई दे रही है
3 बंगाल का बंटवारा
4 3 साल में AIIMS में अंगदान
5 RSS की कहानी …….. Etc …. 

राम का घर छोड़ना षड्यंत्रों से घिरे एक राजकुमार की हृदयविदारक कहानी है, जबकि कृष्ण का घर छोड़ना गहरी कूटनीति है। राम जो आदर्शों की खोज में कष्ट सहते हैं, वहीं कृष्ण षड्यंत्रों के जाल में नहीं फंसते, बल्कि स्थापित आदर्शों को चुनौती देते हैं और एक नई व्यवस्था की नींव रखते हैं। श्रीराम से श्रीकृष्ण तक की यात्रा एक सतत प्रक्रिया है…

मारीच राम को भ्रमित कर सकता है, लेकिन पूतना का स्नेह भी कृष्ण को विचलित नहीं कर सकता। राम अपने भाई को बेहोश देखकर व्याकुल होकर रोते हैं, लेकिन कृष्ण अभिमन्यु को दांव पर लगाने में भी संकोच नहीं करते। राम राजा हैं, कृष्ण राजनीति हैं… राम युद्ध हैं, कृष्ण रणनीति हैं…

राम मानव मूल्यों के लिए लड़ते हैं, कृष्ण मानवता के लिए… हर मनुष्य की यात्रा राम से शुरू होती है और समय उसे कृष्ण बना देता है। जितना आवश्यक राम होना है, उतना ही आवश्यक कृष्ण होना भी है। लेकिन यह यात्रा जो राम से शुरू होती है, तब तक अधूरी रहती है जब तक यह कृष्ण पर समाप्त नहीं होती… राम और कृष्ण दोनों के आदर्शों को अपनाकर, रामकृष्ण ‘मिशन’ के अनुयायी बने और किसी तरह अपने शत्रुओं को परास्त कर एक आदर्श स्थापित किया।

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