In This book : Shri Maa Sharadamani, Gauri Maa, Durga Maa, Gopal ki Maa, Shri Maa Anandmayee, Shri Siddhamata, Shobha Maa — इस पुस्तक में :— भारतीय वाङ्मय में नारी को शक्तिरूपा देवी कहा गया है। सभी देवताओं ने देवी की पूजा की है—आद्याशक्ति के रूप में। स्वयं शंकर ने नारी की महिमा की वृद्धि के लिए अर्धनारीश्वर रूप ग्रहण किया था। सती-महिमा से हमारे धार्मिक ग्रन्थ समृद्ध हैं। प्रस्तुत संग्रह की सभी साधिकाएँ अपने-आप में अद्भुत हैं। चाहे वह माँ शारदा हों या गोपाल की माँ, सिद्धिमाता हों या गौरी माँ। प्रत्येक की साधना अलग-अलग ढंग की है। इस संग्रह में ऐसी सात साधिकाओं का जीवन चरित प्रस्तुत किया गया है—श्री माँ शारदामणि, गौरी माँ, दुर्गा माँ, गोपाल की माँ, श्री माँ आनन्दमयी, श्री सिद्धिमाता, शोभा माँ।