Ramayan Mimansa / रामायण मीमांसा: Ramayana Mimamsa

Original price was: ₹1,100.00.Current price is: ₹895.00.

Edition : 2025

Size : 24*19 cm 

Pages : 1045

Weight : 1.45 kg 

Binding : Hardcover

Authour : स्वामी करपात्रीजी महाराज (Swami Karapatri ji Maharaj)

‘रामायण मीमांसा’ (Ramayana Mimamsa) धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा रचित एक अत्यंत प्रामाणिक और विशाल ग्रंथ है। इसमें महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण की प्राचीनता और प्रमाणिकता को सिद्ध किया गया है तथा पाश्चात्य विद्वानों (विशेषकर फादर कामिल बुल्के) द्वारा उठाए गए आक्षेपों का तार्किक खंडन किया गया है
इस कालजयी ग्रंथ में स्वामी करपात्री जी ने निम्नलिखित विषयों का गहन विवेचन किया है:
  • प्रामाणिकता और प्राचीनता: रामायण के अंतरंग (Internal) और बहिरंग (External) परीक्षणों के माध्यम से यह सिद्ध किया गया है कि रामकथा कोई कपोल-कल्पना नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक घटना है।को बाद की रचना बताने और राम के अवतार संबंधी श्लोकों को ‘प्रक्षिप्त’ (बाद में जोड़े गए) मानने वाली धारणाओं को शास्त्रार्थ और प्रमाणों के आधार पर खारिज किया गया है। 

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