श्री रामकिंकर जी महाराज द्वारा रचित ‘कृपा और पुरुषार्थ’ (प्रकाशक: रामायण ट्रस्ट, अयोध्या) एक हिंदी पुस्तक है, जो जीवन में ईश्वर की कृपा (Grace) और मानव के पुरुषार्थ (Self-effort) के बीच संतुलन को दर्शाती है। यह पुस्तक बताती है कि नर-देह की प्राप्ति प्रभु कृपा है, लेकिन उस कृपा को सार्थकता देने के लिए सत्कर्म का पुरुषार्थ आवश्यक है।
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