Shree Ji Thakurani Ju By Shraddheya Priya Sneh Govind Ji

Original price was: ₹499.00.Current price is: ₹349.00.

Edition : 2024

Pages : 194

Binding : Paperback 

Author : Shraddheya Priya Sneh Govind Ji 

Language : Hindi 

राधादास्यमपास्य यः प्रयतते गोविन्दसङ्गाशया
सोऽयं पूर्णसुधारुचेः परिचयं राकां विना काङ्क्षति।
किञ्च श्यामरतिप्रवाहलहरी बीजं न ये तां विदु-
स्ते प्राप्यापि महामृताम्बुधिमहो बिन्दुं परं प्राप्नुयुः॥
(भावार्थ –
जो जन श्री जी (किशोरी श्री राधिका जू) के चरणों का सेवन छोड़कर गोविन्द के संग लाभ की चेष्टा करते हैं, वे मानो पूर्णिमा के बिना ही चन्द्रमा (पूर्णसुधाकर) का पूर्ण परिचय चाहते हैं। वे यह नहीं जानते कि श्यामसुन्दर के रतिप्रवाह की लहरियों का मूल (बीज) श्री राधा ही हैं। आश्चर्य है कि ऐसा न जानने से ही वे अमृत का महान् समुद्र पाकर भी उनसे केवल बूँद मात्र ही प्राप्त कर पाते हैं।

📖 इस ग्रन्थ में आप पढ़ेंगे – सम्पूर्ण अनुक्रमणिका:

1 शिव पार्वती संवाद 2 गोलोक लीला  श्री राधिका जी एवं श्री दाम का परस्पर शाप 3 श्री दामा की शङ्खचूड रूप में उत्पत्ति 4 शंखचूड़ एवं तुलसी का विवाह 5 भगवान शंकर द्वारा शंखचूड़ का वध6 श्री कीर्तिदा जी एवं वृषभानु जी का पूर्व जन्म का आख्यान 7 अक्षरात् परतः परः 8 श्री ठाकुर जी का प्राकट्य 9 वसुदेव एवं देवकी जी का विवाह 10 चतुर्भुज रूप में दर्शन 11 श्रीजी का प्रादुर्भाव 12 अष्ट सखियाँ 13 सूर्य पूजन एवं नामकरण संस्कार 14 शंकर जी द्वारा श्रीजी का दर्शन 15 श्री राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र 16 ब्रह्मा जी द्वारा श्री प्रिया गोविन्द जू का विवाह 17 दामोदर लीला 18 प्रथम मिलन 19 प्रिया कुण्ड लीला 20 श्रीजी की मुद्री चोरी लीला 21 प्रथम नौका विहार 22 श्री राधा कुण्ड का प्राकट्य 23 प्यारी बन गई कुञ्ज बिहारी 24 श्री गोवर्धन लीला 25 नित्य दम्पती 26 चोर के घर मोर 27 श्री कात्यायनी पूजन 28 महारास 29 ‘अन्तर्हित लीला’ 30 झीलणां 31 छाया स्वरूपा राधा 32 श्री उद्धव जी का ब्रज गमन 33 नंदरानी जी को श्री राधा रानी द्वारा भवत्यात्मक ज्ञान का उपदेश 34 गोपी गीत34 दिव्य लीलाओं का सार – एक ही ग्रन्थ में!हर ब्रज-रसिक, राधा-भक्त के घर में यह ग्रन्थ होना ही चाहिए।

 

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